
धरमजयगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बूचड़खाने ले जाए जा रहे थे 14 गौवंश
Raigarh। रायगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन शंखनाद के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। (Gauvansh smuggling, police action) मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता पर लगातार सख्ती बरती जा रही है।
मुखबिर सूचना पर भंडारीमुड़ा में घेराबंदी
20 जून 2026 को Dharamjaigarh Police Station को सूचना मिली कि ग्राम भंडारीमुड़ा के पास दो व्यक्ति गौवंशों को क्रूरतापूर्वक हांकते-पीटते बूचड़खाने की ओर ले जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी Rajesh Jangde ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
14 बैलों के साथ दो तस्कर पकड़े गए
पुलिस ने मौके पर 07 जोड़ी यानी कुल 14 बैल चरखापारा की ओर ले जाते हुए दो व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान सियाराम राठिया (50) और बलराम उरांव (45) के रूप में हुई।
मवेशियों की खरीदी-बिक्री और परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
पशु क्रूरता और गौतस्करी के तहत मामला दर्ज
लिखित शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।
पुलिस ने सभी 14 गौवंशों को जब्त कर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस गौवंश तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों पर लगातार निगरानी रख रही है।
उन्होंने कहा, “गौवंशों की तस्करी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।”
कार्रवाई में इनकी रही अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, सहायक उप निरीक्षक मंजु मिश्रा और थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







