गेवरा मेगा प्रोजेक्ट में देश के पहले 21 सीयूएम इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल का शुभारंभ

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल की गेवरा मेगा परियोजना में देश के पहले 21 सीयूएम क्षमता वाले इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल का शुभारंभ किया गया। एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) हरीश दुहन ने अत्याधुनिक मशीन का लोकार्पण किया।
कोयला उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद
अत्याधुनिक इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल गेवरा परियोजना में कोयला उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ खनन कार्यों की दक्षता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मशीन के उपयोग से आधुनिक और उच्च क्षमता वाले खनन संचालन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षित और आधुनिक खनन को बढ़ावा
नई तकनीक से लैस यह मशीन खनन कार्यों को अधिक दक्ष और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे बड़े पैमाने पर कोयला उत्पादन के साथ परियोजना की परिचालन क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।
गेवरा एशिया की सबसे बड़ी खदान
एसईसीएल की गेवरा मेगा परियोजना को एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान के रूप में जाना जाता है। ऐसे में देश के पहले 21 सीयूएम क्षमता वाले इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल का यहां शुरू होना खनन क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी, योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र सहित कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






