रायगढ़

साइबर जागृति अभियान: बैंक पहुंची रायगढ़ पुलिस, खाताधारकों को किया जागरूक

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रायगढ़। साइबर अपराधों से आम नागरिकों को बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत रायगढ़ पुलिस ने अभियान के दूसरे सप्ताह में वित्तीय धोखाधड़ी और UPI सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीमों ने जिले के विभिन्न बैंकों में पहुंचकर खाताधारकों, नागरिकों और बैंक कर्मचारियों को साइबर ठगी से बचाव के तरीके बताए।

कई बैंकों में पहुंची पुलिस टीम

थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने थाना प्रभारी अमित तिवारी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न बैंकों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस टीम ने कोटक महिंद्रा बैंक, यूको बैंक, ICICI बैंक, IDFC First Bank और पंजाब नेशनल बैंक मिलूपारा में पहुंचकर बैंक ग्राहकों और कर्मचारियों से संवाद किया।

UPI फ्रॉड से बचने की दी समझाइश

पुलिस ने बताया कि UPI PIN केवल भुगतान करने के लिए दर्ज किया जाता है, पैसा प्राप्त करने के लिए नहीं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन करने, Collect Request स्वीकार करने या किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी गई।

OTP, PIN और CVV साझा न करें

पुलिस ने नागरिकों को स्पष्ट किया कि बैंक अधिकारी, पुलिस, RBI या कोई अधिकृत संस्था बनकर फोन करने वाला व्यक्ति यदि OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड की गोपनीय जानकारी मांगे तो उसे किसी भी स्थिति में साझा न करें।

KYC और कस्टमर केयर के नाम पर ठगी से सावधान

पुलिस ने KYC अपडेट के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक और एप से सावधान रहने की अपील की। साथ ही किसी बैंक या ऑनलाइन सेवा का कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर मिले किसी अनजान स्रोत से लेने के बजाय केवल संबंधित आधिकारिक वेबसाइट या एप से प्राप्त करने की सलाह दी गई।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी

जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस ने बताया कि साइबर ठग पुलिस, CBI, ED, TRAI या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे की मांग करते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि फोन या वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” करके पैसे जमा कराने की कोई वैध प्रक्रिया नहीं है।

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

पुलिस ने नागरिकों से कहा कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। साथ ही संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देकर लेनदेन रोकने का प्रयास करें। पीड़ितों को ट्रांजेक्शन आईडी, UPI ID, मोबाइल नंबर, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की सलाह दी गई।

रायगढ़ पुलिस की अपील—“रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें”

रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें। अनजान लिंक, कॉल, QR कोड और भुगतान अनुरोध पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले उसकी सत्यता जांचें। थोड़ी सी सतर्कता साइबर ठगी से होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

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