Budget 2027 की तैयारी शुरू, 12 अक्टूबर से होंगी प्री-बजट बैठकें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027-28 के बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। वित्त मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से आगामी वित्त वर्ष के लिए आय और खर्च का वास्तविक अनुमान तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा है।
खर्च पर नियंत्रण और राजस्व बढ़ाने पर जोर
सरकार का फोकस सरकारी खर्च को नियंत्रित करने, मौजूदा योजनाओं की समीक्षा करने और गैर-कर राजस्व बढ़ाने पर रहेगा। मंत्रालयों को पहले से चल रही योजनाओं और अनिवार्य खर्चों के लिए आवश्यक बजट का प्रावधान सुनिश्चित करने के बाद ही नई योजनाओं या अतिरिक्त खर्च के प्रस्ताव देने होंगे।
12 अक्टूबर से शुरू होंगी प्री-बजट बैठकें
वित्त मंत्रालय के बजट सर्कुलर के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 से प्री-बजट बैठकें शुरू होंगी, जो नवंबर के मध्य तक चलने की संभावना है। इन बैठकों की अध्यक्षता व्यय सचिव करेंगे। मंत्रालयों और विभागों को बजट से संबंधित जरूरी जानकारी 6 अक्टूबर तक जमा करनी होगी।
टैक्स आय का अनुमान 15 अक्टूबर तक
मंत्रालयों को आगामी वित्त वर्ष में टैक्स से होने वाली आय का अनुमान 15 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराना होगा। सरकार इन अनुमानों के आधार पर आगामी बजट में आय और व्यय की प्राथमिकताएं तय करेगी।
नई योजनाओं से पहले पुराने खर्चों को प्राथमिकता
बजट प्रक्रिया में मौजूदा योजनाओं और पहले से स्वीकृत या जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनके लिए आवश्यक राशि का प्रावधान करने के बाद ही नई योजनाओं और नए खर्चों के लिए बजट की मांग पर विचार किया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण की कोशिश की जाएगी।






