रायगढ़ जिला अस्पताल में निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की मरीजों की जांच, कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की दी सलाह
रायगढ़। कैंसर की समय पर पहचान, जांच और उचित उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को किरोड़ीमल शासकीय जिला चिकित्सालय, रायगढ़ में निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया। शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने शिविर का लाभ उठाया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी जांच और उपचार संबंधी सलाह
शिविर में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि जायसवाल, मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं हेमेटोलॉजी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नवीन जैन तथा सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. रुचिर धाकड़, डॉ. राहुल पाण्डेय, डॉ. सुरेन्द्र पटेल और डॉ. उमेश चंद्रा ने मरीजों को परामर्श दिया। चिकित्सकों ने मरीजों की स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार जांच की और आवश्यकता के मुताबिक आगे की जांच, उपचार के विकल्पों तथा उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी।
शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील
शिविर के दौरान बताया गया कि कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है। शरीर में गांठ या सूजन, लंबे समय तक ठीक नहीं होने वाला घाव, मुंह में सफेद या लाल धब्बे, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना, खून आना या लगातार खांसी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक जांच कराना महत्वपूर्ण है।
समय पर जांच से उपचार की संभावनाओं को मिलती है मजबूती
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करना और उन्हें जांच व उपचार संबंधी सुविधाओं से जोड़ना रहा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप सलाह मिलने से समय पर बीमारी की पहचान और आगे के उपचार की दिशा तय करने में मदद मिली। शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने यह संदेश दिया कि कैंसर के संभावित लक्षणों को अनदेखा करने के बजाय समय पर जांच कराना चाहिए, क्योंकि शुरुआती पहचान और उचित उपचार बीमारी से मुकाबले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।






