धान मंडियों मे सड़ चुके है बारदाने और हजारो कुंटल धान जिम्मेदार कौन..?✒कैलाश आचार्य की खास रिपोर्ट

रायगढ़ जिले में सहकारी सेवा समिति धान खरीदी केन्द्र और उपकेन्द्र को मिला कर 125 धान खरीदी केंद्र है ! जिला विपणन विभाग की उदासीनता ,संचालक मंडल की रखरखाव में लापरवाही तथा परिवहन ठेकेदारो की मनमानी की वजह से सड़ चुके हैं जिले के हजारों किवंटल धान ।
नियम अनुसार 72 घन्टो में होना होता है उठाव…..
धान खरीदी पश्चात 72 घंटो मे उठाव मात्र एक औपचारिकता बनकर रह गई है ! 1 नवम्बर से 20 फरवरी तक किसानों से धान खरीदी हई है ! मगर खरीदी पश्चात 72 घंटों में धान के उठाव का दावा करने वाली सरकार आज तक लगभग दो माह अधिक समय बीत जाने के पश्चात भी नहीं हो सका है !

सेवा सहकारी समिति संचालक मंडल,प्रबंधक की रखरखाव मे घोर लापरवाही….
विभागीय आदेशानुसार धान खरीदी केंद्रो को धान का लॉट तैयार करने के लिए निचले तल पर भूसी की लेयर होनी चाहिए तथा बारिश से धान को बचाने के कैप कवर का होना भी अत्यावश्यक है ! ताकी धान को नुकसान होने से बचाया जा सके ! किन्तु धान खरीदी केंद्रो मे समिति प्रबंधक विभागीय दिशानिर्देशो व नियमो को ताक पर रखते हुए बिना भूसी का लेयर दिये ही धान का लॉट लगा दिये है तथा बारिश से भी धान के लॉट को नही बचा सके ! इनकी लापरवाही की वजह से मंडियों मे हजारो कुंटल धान अंकुरित होने के साथ साथ धान सड़ने लगे है !
हजारो वरदानों का भी हुआ है भारी नुकसान….
मंडियों मे बारिश मे भीगकर हजारो वरदाने सड़ चुके है ! तथा चूहे भी काट रहे है वरदानों को डैमेज वरदानों की संख्या हजारो मे मगर विभाग को समितियां बता रही जीरो ! लॉक डाउन मे जहा लोग अन्न के दाने दाने को मोहताज है तो वही मंडियों मे सड़ रहे है हजारो कुंटल धान…
अधिकारीयो की सह पर परिवहन ठेकेदारो की मनमानी भी चरम सीमा पर……
कई समितियों के डीओ कटने के बाद भी परिवहन ठेकेदारदारो ने महीनो तक धान के उठाव के लिए मंडियां मे गाड़ियां नही भेजीऔर कभी कभी तो 18 छक्का ट्रेलर को 14 छक्का दर्शा कर भी परिवहन कर रहे ! आज हमने एक ऐसी ही 18 चक्का ट्रेलर cg13 La5466 ट्रांसपोर्ट नगर मुख्य मार्ग पर खड़ी दिखी जिसके चालक से हमने जाकर खड़ा रहने कारण पूछने पर पता चला उक्त ट्रेलर पिछले 4 दिनो से डिजल खत्म होने से यही खड़ी है ! तथा उक्त वाहन10अप्रेल के डी ओ पर धरमजयगढ़ से 16अप्रेल को लोड होकर निकली थी जिसमे 820 बोरी धान लोड का डी ओ भी दिखाया गया ! जिसमे बाकायदा 14 चक्का वाहन का उल्लेख पाया गया जबकि ट्रेलर 18 चक्के की पायी गयी ! तथा उक्त वाहन मे त्रिपाल ढका ना होने से बीती रात हुई बारिश मे धान भी भीग चुके थे ! हमने उक्त वाहन की जानकारी दूरभाष पर विपणन विभाग के उच्चाधिकारयो को अवगत भी कराया !आधिकारी ने भी माना की 18 चक्का वाहन सोप्टवेयर मे एक्सेप्ट ना होने के कारण 14 चक्का दर्शाया गया है!सब कुछ जानकारी होते हुऐ भी विभागीय अधिकारियो ने परिवहन ठेकेदारो की मनमानी पर कोई कार्यवाही ना करते हुए अभय दान दे रखा है !












