CG Cabinet Meeting: 11 अक्टूबर को होगी साय कैबिनेट की बैठक, शिक्षा-स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े प्रस्तावों पर हो सकता है बड़ा फैसला

CG Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाइन रायपुर में कैबिनेट की बैठक होगी। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, किसान और सहकारी समितियों से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय हो सकता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 11 अक्टूबर को साय कैबिनेट की बैठक आयोजित होगी। बैठक दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाइन रायपुर में होगी। इसमें बीजेपी सरकार के सभी मंत्री शामिल होंगे।
शिक्षा-स्वास्थ्य से जुड़े प्रस्तावों पर मंथन
बैठक में प्रदेश के Education, Health और सरकारी अस्पतालों में सुधार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में नई तकनीक, किसानों से जुड़े मुद्दों और सहकारी समितियों से संबंधित प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जा सकते हैं।
विकास परियोजनाओं की होगी समीक्षा
कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर मंथन के साथ वर्तमान में चल रही Development Projects की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही आगामी योजनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
30 सितंबर को हुई थी पिछली बैठक
अक्टूबर महीने में होने वाली यह साय कैबिनेट की पहली बैठक होगी। इससे पहले 30 सितंबर 2026 को मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे।
Guest Lecturer Policy-2026 को मंजूरी
पिछली कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू Guest Lecturer Policy-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन के बाद जारी संशोधित नीति-2026 का कार्यांत्तर अनुमोदन किया गया था।
संशोधित नीति के तहत मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता देने का प्रावधान किया गया।
अध्यापन अनुभव और पुनर्नियोजन को लेकर फैसला
कैबिनेट ने अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 माह अध्यापन कार्य पूरा करने पर 5 अंक देने का प्रावधान किया था।
इसके अलावा शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को उनके कार्यानुभव के आधार पर रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर देने का निर्णय लिया गया।
मानदेय निर्धारण में विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखंड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू करने का फैसला भी लिया गया था। साथ ही अतिथि व्याख्याताओं और अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि और आकस्मिक अवकाश से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट किया गया था।





