नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ का असर, महराजगंज प्रशासन अलर्ट; राहत-बचाव की तैयारियां तेज

बूढ़ी गंडकी नदी में उफान के बाद नारायणी नदी के तेज बहाव पर नजर, अधिकारियों ने की आपात बैठक
महराजगंज। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश और गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ का असर अब सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। नारायणी नदी में पानी का तेज बहाव बढ़ने की आशंका के बीच उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों में जुट गया है।
आपात बैठक में नदी के जलस्तर की समीक्षा
रविवार को जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने आपात बैठक कर नारायणी नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे की समीक्षा की। बैठक में परिस्थितियों के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को अंतिम रूप देने पर चर्चा की गई।
सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ाई
नेपाल में लगातार बारिश के कारण नदियों में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन के सामने संभावित जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है।
संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी
प्रशासन का ध्यान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई, राहत व्यवस्था और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने पर है। नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने की जरूरत है।
फिलहाल, बाढ़ के वास्तविक प्रभाव और संभावित खतरे की स्थिति का आकलन नदी के जलस्तर तथा स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर किया जाएगा।






