रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता: 150 गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामद, 37.50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति लौटाई

रायगढ़। साइबर अपराधों पर नियंत्रण और आम नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस द्वारा लगातार तकनीक आधारित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना रायगढ़ ने पिछले तीन महीनों में 150 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 37 लाख 50 हजार रुपये से अधिक बताई गई है।
वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए मोबाइल
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और साइबर पुलिस टीम की मौजूदगी में बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए।
CEIR पोर्टल से तलाशे गए गुम मोबाइल
गुम और चोरी हुए मोबाइलों को तलाशने में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल का IMEI नंबर सिस्टम में दर्ज किया जाता है और मोबाइल को ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू होती है।
इसके बाद जब कोई व्यक्ति उस मोबाइल में दूसरी सिम डालकर उसका इस्तेमाल करता है तो टेलीकॉम नेटवर्क से प्राप्त तकनीकी जानकारी के आधार पर साइबर पुलिस मोबाइल और उसके उपयोगकर्ता तक पहुंचने का प्रयास करती है।
कई राज्यों और जिलों तक पहुंची पुलिस
साइबर डीएसपी शिखर मरावी के पर्यवेक्षण और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में टीम ने लगातार कार्रवाई करते हुए तीन महीने में 150 मोबाइल बरामद किए।
ये मोबाइल रायगढ़ के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा बिहार, कोलकाता, कोरबा, जांजगीर सहित धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया क्षेत्रों में उपयोग किए जा रहे थे।
Vivo से OnePlus तक कई कंपनियों के फोन बरामद
बरामद मोबाइलों में Vivo, Oppo, Redmi, Poco, Realme, OnePlus, Samsung और Motorola समेत कई कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। सभी मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 37.50 लाख रुपये से अधिक है।
लंबे समय से मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके कई लोगों को जब उनका फोन वापस मिला तो उनके चेहरे पर खुशी नजर आई। कई लोगों ने पुलिस टीम का आभार भी जताया।
एसएसपी बोले- मोबाइल में लोगों की पूरी डिजिटल दुनिया होती है
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि आज मोबाइल केवल बातचीत का साधन नहीं है। इसमें बैंकिंग जानकारी, महत्वपूर्ण दस्तावेज, निजी तस्वीरें, संपर्क नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट और व्यक्तिगत यादें होती हैं। ऐसे में मोबाइल का गुम होना आर्थिक नुकसान के साथ निजी जानकारी की सुरक्षा से भी जुड़ा मामला है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी को रास्ते में कोई मोबाइल मिलता है तो उसका इस्तेमाल करने के बजाय उसे नजदीकी थाना या साइबर थाना में जमा करें। पुलिस तकनीकी माध्यमों से मोबाइल के वास्तविक स्वामी की पहचान कर उसे वापस पहुंचा सकती है। साथ ही अनधिकृत रूप से गुम या चोरी हुए मोबाइल का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।






