NDPS Investigation Chhattisgarh : हाईकोर्ट ने पुलिस जांच पर जताई सख्त नाराजगी, 7 दोषियों की सजा रद्द

रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एनडीपीएस एक्ट के मामलों की जांच में पुलिस अधिकारियों की गंभीर लापरवाही और गैर-पेशेवर रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। न्यायालय ने कहा कि ऐसी चूक केवल संयोग नहीं मानी जा सकती, बल्कि यह जांच की गंभीर खामियों को दर्शाती है, जिससे एनडीपीएस कानून का मूल उद्देश्य प्रभावित होता है।
7 आरोपियों की सजा रद्द
उच्च न्यायालय ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में निचली अदालत द्वारा सात आरोपियों को सुनाई गई 10 से 15 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा को रद्द कर दिया। न्यायालय ने कहा कि जांच प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियों के कारण अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में अपेक्षित मानकों पर खरा नहीं उतर सका।
जांच में लापरवाही पर सख्त टिप्पणी
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है। मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में कानून के प्रत्येक प्रावधान का सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और निर्दोषों के अधिकार भी सुरक्षित रहें।
एनडीपीएस कानून के उद्देश्य पर असर
उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जांच में की गई ऐसी गंभीर चूक एनडीपीएस एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा बनती है। इसलिए भविष्य में जांच अधिकारियों को कानूनी प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन करते हुए पेशेवर तरीके से विवेचना करने की आवश्यकता है।







