छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी

साय कैबिनेट के अहम फैसले, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर होगा जनजातीय कार्य विभाग; नक्सलवाद से मुक्ति को बताया विकास के लिए बड़ी उपलब्धि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रविवार को हुई छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई। इन पदों पर रिक्तियों के आधार पर भर्ती की जाएगी। राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों को आरक्षक भर्ती में श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान कर चुकी है।
आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन के कार्य आवंटन नियमों में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए सरकार के फैसलों और प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
नक्सलवाद को विकास की राह में बड़ी बाधा बताया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ी बाधा बना रहा। एक समय ऐसी स्थिति थी, जब इसके अंत को लेकर भी आशंकाएं व्यक्त की जाती थीं। बस्तर के भोले-भाले लोगों के लंबे समय तक विकास से दूर रह जाने की चिंता बनी रहती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार आने के बाद इस दिशा में बदलाव देखने को मिला है। नक्सलवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है और अब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की ओर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ जारी कार्रवाई को प्रदेश के विकास के लिहाज से बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, नक्सलवाद से मुक्ति मिलने पर बस्तर सहित प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को और गति देने का रास्ता मजबूत होगा।






