अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राजनांदगांव में उमड़ा जनसैलाब : Raman Singh डॉ. रमन सिंह ने योग को जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान

राजनांदगांव में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शामिल हुए। उन्होंने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए नियमित अभ्यास का संदेश दिया।
राजनांदगांव। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह दिग्विजय स्टेडियम में जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ और निरोग जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
डॉ. रमन सिंह ने जिलेवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं। हाल ही में हुई सर्जरी के कारण इस बार योगाभ्यास में शामिल नहीं हो सके, लेकिन योग की मदद से जल्द स्वस्थ होकर अगले वर्ष कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करेंगे।
अबूझमाड़ के बच्चों ने मल्लखंब से मोहा मन
सामूहिक योगाभ्यास के बाद अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी के बच्चों ने शानदार मल्लखंब प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों के अद्भुत संतुलन और कौशल की सराहना करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप अपने स्वेच्छानुदान मद से 51 हजार रुपये देने की घोषणा की।
177 से अधिक देशों तक पहुंचा योग
डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव रखने के बाद आज योग दुनिया के 177 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है। योग भारत की उस परंपरा का प्रतीक है जो पूरी दुनिया को एकता और मानव कल्याण का संदेश देती है। योग मन, शरीर और आत्मा का समन्वय है तथा व्यक्ति को प्रकृति, समाज और ईश्वर से जोड़ने का माध्यम है।
योग प्रशिक्षकों ने बताए विभिन्न आसनों के लाभ
मंगलाचरण और वंदना के साथ शुरू हुए योग सत्र में प्रशिक्षकों ने योग, प्राणायाम और ध्यान को स्वास्थ्य की त्रिवेणी बताते हुए विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। ताड़ासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, वक्रासन, मकरासन, सेतुबंध आसन, पवनमुक्तासन और शवासन सहित कई योग क्रियाएं कराई गईं।
प्रशिक्षकों ने दिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योग और प्राणायाम से मानसिक तनाव कम होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों पर नियंत्रण में मदद मिलती है। कपालभाति, अनुलोम-विलोम और शीतलीकरण प्राणायाम के लाभों की भी जानकारी दी गई।
ये वरिष्ठ लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के सदस्य, विद्यार्थी और आम नागरिक उपस्थित रहे। योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन का संदेश देते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।







