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घरघोड़ा में विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मध्यस्थता जागरूकता शिविर आयोजित, वैकल्पिक विवाद समाधान के लाभ बताए गए

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रायगढ़, 25 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के दिशा-निर्देशों के तहत चल रहे “मध्यस्थता अभियान” (1 जुलाई से 7 अक्टूबर) के अंतर्गत आज घरघोड़ा के नावापारा में मध्यस्थता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश श्री जितेंद्र जैन के मार्गदर्शन और तालुका विधिक सेवा समिति, घरघोड़ा के अध्यक्ष एवं न्यायाधीश श्री शहाबुद्दीन कुरैशी के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।

शिविर का संचालन विधिक स्वयं सेवकों—बालकृष्ण, लव कुमार चौहान और टीकम सिंह सिदार—ने किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को मध्यस्थता (मीडिएशन) की प्रक्रिया, इसके लाभ और व्यवहारिक उपयोग के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई।

वक्ताओं ने बताया कि मध्यस्थता के माध्यम से दीवानी, पारिवारिक, संपत्ति संबंधी तथा छोटे व्यापारिक विवादों को संवाद व सुलह के माध्यम से शीघ्र और शांतिपूर्वक सुलझाया जा सकता है। प्रशिक्षित मध्यस्थों की निगरानी में यह प्रक्रिया बिना किसी पक्ष की हार-जीत के निष्पक्ष रूप से संपन्न होती है। इससे न केवल न्यायालय का समय बचता है, बल्कि आम नागरिकों को लंबे मुकदमों की परेशानी से भी राहत मिलती है।

शिविर में यह भी बताया गया कि यदि कोई मामला पहले से न्यायालय में लंबित है, तो पक्षकार चाहें तो उसे मध्यस्थता प्रक्रिया के जरिए सुलझा सकते हैं। इस अवसर पर 13 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी भी दी गई और अधिक से अधिक लोगों को इस पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को न्याय तक आसान और त्वरित पहुंच के विकल्पों से अवगत कराया गया, जिससे वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली के प्रति विश्वास बढ़ेगा।

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