सड़क पर मवेशियों की मौत: बिलासपुर में फिर हुई दर्दनाक घटना, प्रशासन पर उठे सवाल

बिलासपुर, 28 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रविवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने एक बार फिर प्रशासन और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर रोड स्थित नेशनल हाईवे पर सिलपहरी, कराड़ और ढेका गांव के बीच एक अज्ञात तेज़ रफ्तार वाहन ने सड़क पर बैठी लगभग 25 गायों के झुंड को कुचल डाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा रात करीब 2:30 बजे का है जब सड़क लगभग सुनसान थी। तभी तेज़ रफ्तार में आ रही भारी वाहन ने झुंड में बैठी गायों को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में 19 गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कई अन्य गायें गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज स्थानीय गौसेवकों द्वारा कराया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही गौरक्षक विकास यादव अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और घायल गायों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उन्होंने प्रशासन की लापरवाही पर रोष जताते हुए कहा कि यह हादसा सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मूक प्राणियों के प्रति संवेदनहीनता का परिचायक है।
गौरतलब है कि यही हादसा 15 जुलाई को भी इसी नेशनल हाईवे पर हुआ था, जब एक अन्य वाहन ने 22 गायों को टक्कर मारी थी, जिसमें 17 की मौत हो गई थी। इसके बावजूद न तो प्रशासन ने सड़क से मवेशियों को हटाने की कोई कार्रवाई की और न ही तेज़ रफ्तार वाहनों पर कोई रोक लगाई गई।
हाईकोर्ट के आदेश की उड़ रही धज्जियां
हाईकोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था कि सार्वजनिक सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाया जाए, लेकिन इस आदेश का पालन होता नहीं दिख रहा है। दो सप्ताह के भीतर दो बड़े हादसे प्रशासन की उदासीनता और जवाबदेही की कमी को उजागर करते हैं।
कानूनी पहलू
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 429 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर या लापरवाही से किसी पशु को नुकसान पहुंचाता है जिसकी कीमत ₹50 से अधिक हो, तो उसे पांच साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। साथ ही, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी लापरवाही से वाहन चलाने पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।
फिलहाल पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वाहन और चालक की पहचान के प्रयास जारी हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना दिया है और यह सवाल फिर से खड़ा हो गया है — आखिर इन मूक जीवों की जान की जिम्मेदारी कौन लेगा?
गौरक्षक संगठनों ने चेताया
गौसेवकों और गौरक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासन सड़कों पर बैठे बेसहारा मवेशियों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।






