होली पर भांग का सेवन पड़ सकता है भारी, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

रायपुर। होली रंगों, खुशियों और आपसी मेल-मिलाप का पर्व है। इस दिन लोग रंग-गुलाल खेलते हैं, गले मिलते हैं और पारंपरिक पकवानों का आनंद लेते हैं। कई स्थानों पर होली के जश्न को खास बनाने के लिए ठंडाई, लस्सी और मिठाइयों में भांग मिलाने की परंपरा भी है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि उत्साह के बीच भांग का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
भांग कैनबिस सैटिवा पौधे की पत्तियों और कलियों से तैयार की जाती है। इसे पीसकर पेस्ट बनाया जाता है और ठंडाई या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलाकर सेवन किया जाता है। इसके सेवन से नशा होता है, लेकिन कई बार लोग मात्रा का अंदाजा नहीं लगा पाते और इसके दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ता है।
मानसिक और शारीरिक असर
चिकित्सकों के अनुसार भांग के सेवन से चक्कर आना, घबराहट, भ्रम, अत्यधिक उत्साह या सुस्ती जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं। कुछ मामलों में पैनिक अटैक और मतिभ्रम जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
इसके अलावा दिल की धड़कन तेज होना, रक्तचाप में उतार-चढ़ाव, उल्टी, मतली, मुंह सूखना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या मानसिक बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए भांग का सेवन और भी जोखिमपूर्ण हो सकता है।
अधिक सेवन के खतरे
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक मात्रा में भांग लेने से व्यक्ति की निर्णय क्षमता प्रभावित होती है। वाहन चलाना या जोखिम वाले कार्य करना खतरनाक साबित हो सकता है। गंभीर मामलों में बेहोशी या अस्पताल में भर्ती की नौबत भी आ सकती है।
सावधानी ही सुरक्षा
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि यदि कोई व्यक्ति भांग का सेवन करता भी है तो सीमित मात्रा में करे, खाली पेट सेवन न करे और शराब के साथ इसका उपयोग बिल्कुल न करे। साथ ही वाहन चलाने से बचें और पर्याप्त पानी पीते रहें।
होली का त्योहार प्रेम और उल्लास का प्रतीक है। ऐसे में जरूरी है कि उत्सव की खुशी समझदारी और सतर्कता के साथ मनाई जाए, ताकि रंगों का यह पर्व किसी परेशानी का कारण न बने।






