असम में सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट क्रैश, दोनों पायलट शहीद — भारतीय वायुसेना ने जताया गहरा शोक

ट्रेनिंग मिशन पर निकला विमान अचानक क्रैश, जोरहाट से 60 किलोमीटर दूर मलबा बरामद
असम। भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट, जो बीती रात ट्रेनिंग मिशन पर था, असम के कार्बी आंगलोंग जिले में क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर शहीद हो गए। विमान जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, और मलबा एवं पायलटों के शव बरामद कर लिए गए।
भारतीय वायुसेना ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द घर पहुंचाए जाएंगे
भारतीय वायुसेना ने अपने X हैंडल पर पोस्ट लिखकर हादसे की जानकारी साझा की। पोस्ट में कहा गया कि वायुसेना शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है और जल्द ही पायलटों के पार्थिव शरीर घर पहुंचा दिए जाएंगे।
ग्राउंड कंट्रोल से अचानक संपर्क टूटा, विमान पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त
वायुसेना के अनुसार, सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट कार्बी आंगलोंग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में उड़ान भर रहा था, तभी ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया। सुखोई-30 एमकेआई अपने युद्धाभ्यासों में ताकत दिखाता है, लेकिन असम में यह तीसरा विमान हादसा बन गया है।
पिछली दुर्घटनाओं का जिक्र
अगस्त 2019 में तेजपुर के पास ट्रेनिंग मिशन के दौरान सुखोई-30 एमकेआई विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वहीं 2015 में भी तेजपुर में एक सुखोई-30 एमकेआई विमान हादसे का शिकार हुआ। पिछले दोनों हादसों में पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन इस बार दोनों पायलटों की जान नहीं बचाई जा सकी।
जांच और सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
असम में अब तक तीन सुखोई-30 एमकेआई हादसे हो चुके हैं, जो वायुसेना की सुरक्षा और प्रशिक्षण प्रक्रियाओं की समीक्षा का विषय हैं। अधिकारियों ने हादसे के कारणों की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।






