मध्य एशिया संकट: मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की अहम बातचीत, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे टैंकरों पर चर्चा

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
मध्य एशिया में जारी भीषण युद्ध और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर अहम बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की “गंभीर स्थिति” और समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। माना जा रहा है कि इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य Strait of Hormuz से गुजरने वाले भारतीय टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के विकल्प तलाशना था, क्योंकि यह मार्ग भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर प्रधानमंत्री की चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव, नागरिकों पर पड़ रहे प्रभाव और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशों में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा तथा आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालांकि उन्होंने अपने संदेश में सीधे तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का उल्लेख नहीं किया।
20 से अधिक भारतीय टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही पर बातचीत
सूत्रों के मुताबिक भारत और ईरान के बीच 20 से अधिक टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर बातचीत चल रही है। ये टैंकर कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी से लदे हुए हैं और हालिया हमलों के कारण रास्ते में फंस गए हैं। भारत अपनी लगभग आधी कच्चे तेल की जरूरत मध्य पूर्व से पूरी करता है, जबकि एलएनजी का लगभग दो-तिहाई और लगभग पूरा एलपीजी आयात भी इसी क्षेत्र से किया जाता है।
ऊर्जा कंपनियों से जुड़े टैंकरों का बड़ा दांव
बताया जा रहा है कि इन टैंकरों में से करीब 10 जहाज एलपीजी लेकर जा रहे हैं, जिनके कॉन्ट्रैक्ट Indian Oil Corporation और Hindustan Petroleum जैसी भारतीय कंपनियों के साथ जुड़े हैं। वहीं लगभग 5 टैंकर कच्चा तेल लेकर भारत की ओर आ रहे हैं। इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विदेश मंत्री की ईरान से लगातार बातचीत
भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी हाल के दिनों में अपने ईरानी समकक्ष Abbas Araghchi से कई दौर की बातचीत की है। इन वार्ताओं में समुद्री सुरक्षा और भारत की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के मुद्दों पर विशेष चर्चा की गई है।
जहाजों को लेकर अलग-अलग दावे, अमेरिका ने दी राहत
इस बीच कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया था कि ईरान ने भारत-ध्वज वाले जहाजों को मार्ग देने की अनुमति दे दी है, लेकिन एक ईरानी अधिकारी ने इसे खारिज करते हुए कहा कि अभी कोई औपचारिक मंजूरी नहीं दी गई है। इसी दौरान अमेरिका ने भारत को अस्थायी रूप से रूसी तेल की खरीद बढ़ाने की अनुमति दी है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यह घटनाक्रम भारत की कूटनीतिक रणनीति और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






