1 अप्रैल 2026 से देशभर में E-20 पेट्रोल अनिवार्य, ईंधन प्रणाली में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ देश में ईंधन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। इसके तहत पूरे देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी E-20 (20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल) को अनिवार्य किया जाएगा।
सरकारी योजना के अनुसार पेट्रोल पंपों पर अब न्यूनतम 95 ऑक्टेन स्तर वाला E-20 ईंधन ही उपलब्ध कराया जाएगा।
क्या है E-20 पेट्रोल?
E-20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है, जो गन्ने जैसी फसलों से तैयार एक जैव ईंधन है। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करना और देश में स्वदेशी ऊर्जा संसाधनों को बढ़ावा देना है।
उपभोक्ताओं को संभावित लाभ
अनुमान है कि E-20 पेट्रोल की कीमत पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में करीब 8 रुपये प्रति लीटर तक कम हो सकती है। यदि कोई वाहन चालक महीने में 40 लीटर पेट्रोल खर्च करता है, तो उसे लगभग 300 रुपये तक की बचत हो सकती है।
पर्यावरण के लिए फायदेमंद
इस ईंधन के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है, जिससे वायु प्रदूषण घटेगा। साथ ही कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होने से देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
पुरानी गाड़ियों को लेकर सावधानी
नई गाड़ियों को E-20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है, लेकिन पुरानी वाहनों में इसके लंबे उपयोग से इंजन या ईंधन प्रणाली पर असर पड़ सकता है। ऐसे में वाहन मालिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सरकार की आगे की योजना
सरकार आने वाले समय में इथेनॉल मिश्रण को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।






