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ऊर्जा सुरक्षा में ‘इथेनॉल मिश्रण’ बना गेम-चेंजर: Narendra Modi

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नई दिल्ली/नोएडा। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए इथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) को बड़ा समाधान बताया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की नीति से देश को भारी आर्थिक और रणनीतिक लाभ मिला है।

4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल की बचत

नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इथेनॉल मिश्रण के कारण भारत अब तक लगभग 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के आयात से बच चुका है। यह करीब 700 करोड़ लीटर के बराबर है। इससे देश को लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।

किसानों को भी मिला लाभ

प्रधानमंत्री ने बताया कि इथेनॉल उत्पादन में गन्ने जैसी फसलों के उपयोग से किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद किसानों के योगदान से देश को बड़ी राहत मिली है।

समय से पहले हासिल किया E20 लक्ष्य

भारत ने 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण (E20) का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे तय समय से पहले ही हासिल कर लिया गया। वर्तमान में देश की इथेनॉल उत्पादन क्षमता लगभग 2000 करोड़ लीटर तक पहुंच चुकी है, जिसमें से 1000 करोड़ लीटर से अधिक का उपयोग पेट्रोल में मिलाने के लिए किया जा रहा है।

वैश्विक संकट का सीमित असर

प्रधानमंत्री ने कहा कि West Asia में जारी तनाव, विशेषकर Iran से जुड़े घटनाक्रम के कारण तेल की कीमतों पर असर पड़ा है, लेकिन भारत ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखा है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ने ऐसे सभी जरूरी कदम उठाए हैं, जिससे आम नागरिकों पर ईंधन कीमतों का बोझ न पड़े।

आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में कदम

सरकार का मानना है कि इथेनॉल मिश्रण नीति न केवल आयात पर निर्भरता कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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