मोबाइल दुकान चोरी से लेकर बैंक लूट की साजिश तक बड़ा खुलासा: रायगढ़ पुलिस ने संगठित गिरोह का किया पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार

घरघोड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक ही गैंग पर कई वारदातों का आरोप, पूरे जिले में मचा हड़कंप
रायगढ़। जिले में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए रायगढ़ पुलिस ने एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मोबाइल दुकान में चोरी से लेकर बैंकों में लूट की साजिश तक में शामिल था। घरघोड़ा पुलिस ने इस कार्रवाई में 5 युवकों और 1 विधि से संघर्षरत बालक सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 26.47 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की है, जिसमें दो चारपहिया वाहन और 60 मोबाइल फोन शामिल हैं।
सुनियोजित तरीके से चल रहा था अपराध नेटवर्क, सरगना करता था पूरे गैंग को नियंत्रित
पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरा गिरोह एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था, जिसका नेतृत्व मोह. अरसलान (निवासी पत्थलगांव) कर रहा था। यह गैंग युवकों को जोड़कर योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देता था और लगातार रेकी कर टारगेट तय करता था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने जिले के कई इलाकों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया।
मोबाइल दुकान में चोरी से शुरू हुई जांच, बैंक लूट की साजिश तक पहुंचा खुलासा
फरवरी माह में घरघोड़ा थाना क्षेत्र के कुडुमकेला स्थित मोबाइल दुकान में हुई बड़ी चोरी के बाद पुलिस जांच शुरू हुई थी। इसके बाद 15-16 मार्च को धरमजयगढ़ ग्रामीण बैंक और 16-17 मार्च की रात जूटमिल स्थित पंजाब नेशनल बैंक में चोरी/लूट के असफल प्रयास सामने आए। लगातार मिलते सुरागों के आधार पर पुलिस ने जांच तेज की और पूरे गिरोह तक पहुंचने में सफलता पाई।
CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र बना अहम कड़ी, एक-एक कर आरोपी दबोचे गए
पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। संदेही मोह. अरसलान को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी साक्ष्य मिटाने के लिए बैंक के सीसीटीवी कैमरे तक उखाड़ ले गए थे।
चोरी, लूट का प्रयास और सबूत मिटाने की कोशिश—कई गंभीर आरोप
आरोपियों ने कुडुमकेला स्थित मोबाइल दुकान से मोबाइल, ब्लूटूथ स्पीकर, हेडफोन और नकदी चोरी की थी। इसके अलावा धरमजयगढ़ और जूटमिल के बैंकों में नकबजनी का प्रयास भी किया गया, हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते वे वारदात को अंजाम देने में सफल नहीं हो सके। जांच में संगठित अपराध और आपराधिक साजिश के कई तथ्य सामने आए हैं।
26.47 लाख की संपत्ति बरामद, दो वाहन और दर्जनों मोबाइल शामिल
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो चारपहिया वाहन, 60 नए और पुराने मोबाइल फोन, एयरबड्स सहित कुल 26,47,100 रुपये की संपत्ति बरामद की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले में अन्य थानों द्वारा भी आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश, “संगठित अपराध बर्दाश्त नहीं”
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस ने पेशेवर तरीके से इस संगठित गिरोह का खुलासा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बैंकों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।






