
ग्राम कुम्हीचुआ में संदिग्ध शव मिलने के मामले में हत्या की गुत्थी सुलझी
रायगढ़। थाना कापू पुलिस ने ग्राम कुम्हीचुआ में युवक का शव मिलने के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि उधारी रकम को लेकर लंबे समय से चल रही रंजिश हत्या की वजह बनी। आरोपी ने युवक की गला और मुंह दबाकर हत्या की और शव को घर के पीछे फेंककर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया।

27 अप्रैल को मिला था युवक का शव, पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि
पुलिस के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को देवव्रत तुरी उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम कुम्हीचुआ का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में संदिग्ध हालत में मिला था। सूचना मिलने पर थाना कापू पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने और गले की हड्डी टूटने से मौत होना पाया गया, जिसके बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया।

घटनास्थल से मिले संघर्ष के निशान, जांच में कई पहलुओं पर काम
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के शरीर पर गले, कलाई और पीठ में दबाव और संघर्ष के निशान पाए। इसके बाद पुलिस ने परिजनों, ग्रामीणों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की, लेकिन शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

उधारी रकम का विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में पता चला कि गांव के करमसाय नगेसिया और मृतक के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि करीब छह वर्ष पहले मृतक ने उससे पांच हजार रुपये उधार लिए थे, जो लगातार मांगने के बावजूद वापस नहीं किए गए। ब्याज सहित रकम बढ़ने और बार-बार टालने से आरोपी के मन में रंजिश थी।
शादी कार्यक्रम से लौटते समय की वारदात
आरोपी ने पुलिस को बताया कि 26 अप्रैल की रात करीब 11 बजे शादी कार्यक्रम से लौटते समय उसने देवव्रत तुरी को उसके घर के पास देखा। पुराने विवाद से गुस्साए आरोपी ने उसका पीछा किया और दरवाजे के पास पकड़कर मुंह व गला दबा दिया। जमीन पर पटकने के बाद तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
हत्या के बाद शव घर के पीछे फेंका
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपी ने शव को उठाकर घर के पीछे बाड़ी में फेंक दिया, ताकि घटना को छिपाया जा सके और मामला सामान्य मौत जैसा लगे। पूछताछ में आरोपी के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
गिरफ्तार आरोपी करमसाय नगेसिया उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम कुम्हीचुआ को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की सक्रियता से खुला मामला
इस कार्रवाई में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी इगेश्वर यादव, प्रधान आरक्षक सुमेश गोस्वामी, आरक्षक विभूति सिंह, संजीव पटेल, दिनेश गोंड, महिला आरक्षक संगीता लकड़ा तथा साइबर टीम के अधिकारियों की अहम भूमिका रही।
कानून हाथ में लेने वालों को सख्त चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वालों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी विवाद का समाधान कानून और संवाद के माध्यम से करें।






