मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्तियां पैसों, जाति, मत, मजहब और क्षेत्र देखकर होती थीं, जिससे योग्य नौजवानों का शोषण होता था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में योग्यता ही चयन का आधार बनी है। किसी योग्य अभ्यर्थी की जगह घूसखोर व्यक्ति व्यवस्था में आ जाता, तो वह अगले 30-35 वर्षों तक पूरे सिस्टम को घुन की तरह खोखला करता।
इसलिए सरकार ने पहले दिन से ही भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और लीकेज की संभावनाओं को समाप्त करने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जवाबदेही, तकनीक और पारदर्शिता के कारण आज यूपी देश में सबसे अधिक नियुक्तियां देने वाला राज्य बन चुका है।
15 दिनों के अंदर चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में सरकार ने नियुक्ति पत्र वितरण के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कोई सोच भी नहीं सकता था कि यूपी के नौजवानों को निष्पक्ष, पारदर्शी व सहज प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां मिल पाएंगी।
हमने अलग-अलग आयोगों व बोर्डों को जवाबदेही सौंपी और तकनीक का उपयोग कर हर योग्य नौजवान के साथ न्याय सुनिश्चित किया। इसी का परिणाम है कि हमने 9 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराए हैं। पिछले 15 दिनों के अंदर यह हमारा चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है।
यूपी को बना दिया गया था भ्रष्ट-गुंडा-अराजक प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि याद कीजिए 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश। देश-दुनिया में लोग यूपी का नाम सुनते ही शक की निगाह से देखते थे, दस कदम पीछे हट जाते थे। उत्तर प्रदेश को भ्रष्ट, गुंडा और अराजक प्रदेश बनाकर हर यूपीवासी के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था।
लेकिन, मुझे बेहद प्रसन्नता है कि अब आप कहीं भी जाएं, यूपी का नाम सुनते ही सामने वाले का चेहरा चमक उठता है, वह स्वागत के लिए उत्सुक दिखाई देता है। यह है परसेप्शन का बदलाव और परिणाम भी उसी के अनुरूप हैं।
प्रति व्यक्ति आय, वार्षिक बजट व अर्थव्यवस्था को तीन गुना किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय, वार्षिक बजट व समग्र अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। यूपी अब रेवेन्यू सरप्लस राज्य और देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है। यह सबसे ज्यादा नियुक्ति पत्र देने वाला, सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे बनाने वाला, किसानों को सर्वाधिक प्रोत्साहन देने वाला और समाज के हर वर्ग को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने वाला प्रदेश बन गया है।
96 लाख एमएसएमई इकाइयों में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले एमएसएमई क्षेत्र लगभग बंद पड़ा था, कोई प्रोत्साहन नहीं था, चारों तरफ अव्यवस्था और हताशा थी। आज देश में सबसे अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) उत्तर प्रदेश में हैं।
96 लाख एमएसएमई इकाइयों में 3 करोड़ से अधिक लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। गत वर्ष यूपी में 4000 से अधिक बड़े उद्योग आए और पिछले 9 वर्षों में बड़े उद्योगों की संख्या 14,000 से बढ़कर 32,000 से अधिक हो गई है। जिस यूपी को पहले देश के बॉटम-3 राज्यों में गिना जाता था, आज टॉप-3 राज्यों में शामिल है।