अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी: अधिवक्ता की हत्या का आरोपी प्रेमी गिरफ्तार, रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता

रायगढ़। पूंजीपथरा पुलिस ने ग्राम पूंजीपथरा के कटेल टिकरा जंगल में मिले महिला के शव के मामले का खुलासा करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतिका की पहचान अधिवक्ता आराधना सिदार (उम्र 31 वर्ष), निवासी केकराझरिया, लैलूंगा के रूप में हुई है। उसकी हत्या उसके प्रेमी लोकनाथ पटेल, निवासी चारपारा (सक्ती) द्वारा की गई थी।
जंगल में मिला था नग्न अवस्था में शव, पुलिस ने शुरू की थी जांच
12 मई को पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के कटेल टिकरा जंगल में शासकीय जमीन पर एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। घटनास्थल पर महिला का शव नग्न अवस्था में मिला था। कोटवार अयोध्या प्रसाद माझी की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया तथा थाना पूंजीपथरा में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।
सीसीटीवी और बाइक नंबर से खुला बड़ा सुराग
जांच के दौरान चक्रधरनगर थाना की गुमशुदगी रिपोर्ट और परिजनों से मिले कपड़े व सैंडल के आधार पर मृतिका की पहचान की गई। इसके बाद कॉल डिटेल और तकनीकी जांच के साथ सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक युवक महिला को मोटरसाइकिल पर ले जाते हुए दिखाई दिया।
बाइक नंबर के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे सक्ती से हिरासत में लिया गया।
प्रेम संबंध और शादी के दबाव में रची हत्या की साजिश
पूछताछ में आरोपी लोकनाथ पटेल ने स्वीकार किया कि उसका मृतिका के साथ करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था। आरोपी पहले से विवाहित था और मृतिका द्वारा शादी के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
आरोपी ने 9 मई को मिलने की योजना बनाई और 10 मई को उसे मोटरसाइकिल से सक्ती और दमाऊधारा मंदिर लेकर गया। इसके बाद दोनों एक लॉज में रुके, जहां फर्जी नाम से कमरा लिया गया।
अगले दिन आरोपी उसे सुनसान जंगल ले गया, जहां पहले गला दबाकर बेहोश किया और फिर पत्थर व धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी।
मोबाइल से रची गई गुमराह करने की साजिश
हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की कोशिश की और मृतिका के मोबाइल से उसकी बहन और सहेलियों से बातचीत कर उसकी आवाज की नकल कर लोगों को भ्रमित किया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि इस पूरे प्रकरण के खुलासे में निरीक्षक रामकिंकर यादव, एएसआई उमाशंकर विश्वाल सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






