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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भीषण गर्मी और लू के कारण पिछले चार दिनों में लगभग 600 चमगादड़ों की मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हीट स्ट्रोक माना जा रहा है, हालांकि संक्रमण की जांच के लिए नमूने पुणे भेजे गए हैं।
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लू से पिछले चार दिनों में करीब 600 चमगादड़ों की मौत हो गई है।
नौकोनिया तालाब और शिव मंदिर के आसपास पेड़ों पर इनका बसेरा है, जहां लगातार मृत और अचेत अवस्था में चमगादड़ मिल रहे हैं। यहां का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कई चमगादड़ पेड़ों से नीचे गिरे पड़े मिले, जबकि कुछ मृत अवस्था में भी उल्टे लटके दिखाई दिए।
सूचना मिलने पर पशुधन विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची। चूंकि चमगादड़ वन्यजीवों की संरक्षित सूची में शामिल नहीं हैं, इसलिए पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में मृत चमगादड़ों को एकत्र कर उन्हें सुरक्षित तरीके से जलाया गया।
पशुधन विकास विभाग के सहायक संचालक डॉ. एसएन मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हीट स्ट्रोक माना जा रहा है। हालांकि, जांच के लिए उनके सैंपल पुणे स्थित प्रयोगशाला में भेजे गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत की वजह कोई संक्रमण या बीमारी तो नहीं है।
बता दें कि चमगादड़ पक्षी नहीं बल्कि स्तनधारी जीव हैं। चमगादड़ों में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने की क्षमता सीमित होती है। तेज गर्मी और उमस से इनके शरीर से पानी तेजी से कम होने लगता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। चमगादड़ झुंड में एक-दूसरे से सटकर लटकते हैं, जिससे गर्मी और बढ़ जाती है।
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