रायगढ़

रायपुर/रायगढ़: संविधान हत्या दिवस पर ओपी चौधरी का बयान, आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय

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आपातकाल (Emergency) को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया, लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन

रायपुर/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि उस दिन सत्ता के अहंकार में देश पर आपातकाल थोपकर संविधान की आत्मा को कुचलने का प्रयास किया गया था।

संविधान हत्या दिवस के अवसर पर जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक “अमिट कलंक” के रूप में दर्ज है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में धारा 352 का दुरुपयोग कर देश में आपातकाल लगाया गया, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई।


नागरिक अधिकारों पर रोक और लोकतंत्र पर प्रहार

1975 का आपातकाल का उल्लेख करते हुए ओपी चौधरी ने कहा कि उस दौर में नागरिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस की स्वतंत्रता समाप्त कर दी गई और विपक्षी नेताओं को बड़े पैमाने पर जेलों में बंद किया गया।

उन्होंने कहा कि यह केवल सत्ता परिवर्तन का मामला नहीं था, बल्कि संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का गंभीर प्रयास था। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और राजेंद्र प्रसाद द्वारा दिए गए लोकतांत्रिक मूल्यों पर यह सीधा आघात था।


लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को नमन

वित्त मंत्री ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई, जॉर्ज फर्नांडिस, नानाजी देशमुख सहित उन सभी लोकतंत्र सेनानियों को नमन किया, जिन्होंने जेल की यातनाएं सहकर भी लोकतंत्र की मशाल को बुझने नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और अविभाजित मध्यप्रदेश के हजारों लोगों ने भी उस दौर में संघर्ष किया और लोकतंत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराया

ओपी चौधरी ने कहा कि आज भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आपातकाल के इतिहास को पढ़ें और समझें ताकि भविष्य में कोई भी सत्ता संविधान को कमजोर करने का प्रयास न कर सके।

उन्होंने कहा कि भारत आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया का सबसे बड़ा और मजबूत लोकतंत्र है, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

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