छत्तीसगढ़

108 मृदंगों की गूंज से भक्तिमय हुआ विश्वासपुर, राधारानी प्राकट्योत्सव का समापन

Advertisement

राधा माधव आश्रम में तीन दिवसीय आयोजन का समापन, पूर्व विधायक विजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधियों ने की पूजा-अर्चना

सरिया। श्री श्री राधा माधव आश्रम विश्वासपुर में आयोजित तीन दिवसीय राधारानी प्राकट्योत्सव (राधाष्टमी) का समापन धार्मिक उल्लास और भक्तिमय माहौल के बीच हुआ। हरिनाम भिक्षुक गुरु श्री नरसिंह दास जी महाराज के मार्गदर्शन में हुए आयोजन के अंतिम दिन आश्रम परिसर में मृदंग पूजन, हरिनाम संकीर्तन, ध्वजारोहण, दधिभांड उत्सव और महाप्रसाद वितरण सहित कई कार्यक्रम हुए।

संकीर्तन के बीच 108 मृदंगों की पूजा

समापन दिवस पर विभिन्न कीर्तन मंडलियों ने मृदंग और करताल की धुन पर हरिनाम संकीर्तन किया। इसी दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 108 मृदंगों यानी खोल का विधिवत पूजन और आरती की गई। मृदंग-करताल की गूंज से आश्रम परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।

विजय अग्रवाल ने की राधारानी-श्रीकृष्ण की पूजा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक विजय अग्रवाल रहे। उनके साथ सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कैलाश नायक और भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनुपम पाल सहित अन्य अतिथियों ने राधारानी एवं भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की।

अतिथियों ने क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गंगाजल, चंदन और सिंदूर से 108 मृदंगों का पूजन कर आरती की गई।

‘संकीर्तन में वाद्ययंत्रों का विशेष महत्व’

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक विजय अग्रवाल ने कहा कि सनातन परंपरा में भक्ति और संकीर्तन के दौरान वाद्ययंत्रों का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि मृदंग और करताल की ध्वनि भक्तिमय वातावरण तैयार करती है और लोगों को आध्यात्मिक भाव से जोड़ने का माध्यम बनती है।

‘धार्मिक आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं’

जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे ने कहा कि राधारानी प्राकट्योत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी देता है। उन्होंने आयोजन को लेकर आश्रम समिति और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनुपम पाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं।

मृदंग वादकों को अंगवस्त्र और श्रीफल देकर किया सम्मानित

आयोजन में शामिल 108 मृदंग वादकों का आश्रम एवं मंदिर समिति की ओर से विशेष सम्मान किया गया। पहले गंगाजल से उनका पूजन किया गया, इसके बाद अंगवस्त्र, श्रीफल और दक्षिणा भेंट की गई।

दधिभांड उत्सव के बाद बांटा गया महाप्रसाद

अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे। ग्राम विश्वनाथपाली सरिया स्थित राधाकृष्ण मंदिर में आयोजित खोल उत्सव के दौरान भी मृदंग की पूजा-अर्चना की गई।

इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष रघुनाथ पटेल, राधाकांत पाणिग्रही, चूड़ामणि पटेल, टीकाराम, दर्रामुड़ा के पूर्व सरपंच किशोर गुप्ता, समिति के पदाधिकारी, सेवादार, कीर्तन मंडलियों के सदस्य और क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में दधिभांड उत्सव आयोजित हुआ और श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही तीन दिवसीय राधारानी प्राकट्योत्सव का श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हुआ।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button