पुरी पहुंचे CM विष्णुदेव साय, श्रीमद्भागवत कथा में हुए शामिल

जगन्नाथ धाम में आध्यात्मिक सभा में की सहभागिता, कहा- ऐसे आयोजनों से मिलती है मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा
ओडिशा। छरायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने जैसी स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी से बढ़ेगी नमी, सक्रिय होंगे बादल
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और आसपास बने मौसम तंत्र का असर छत्तीसगढ़ में दिखाई दे सकता है। सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ने की संभावना है, जिससे बादलों की सक्रियता बढ़ेगी।इसके चलते कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं।
बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की संभावना
नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से केवल बारिश ही नहीं, बल्कि कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले मैदान, खेत, तालाब और नदी के आसपास रहने से बचने की सलाह दी गई है।त्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को ओडिशा के पुरी पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध जगन्नाथ धाम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। मुख्यमंत्री ने पुरी यात्रा को अपने लिए सौभाग्य का अवसर बताते हुए आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताने की बात कही।
भागवत कथा में बैठकर सुनी भगवान की कथा
पुरी धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। कार्यक्रम में कान्हाजी महाराज द्वारा कथा वाचन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कथा श्रवण को आध्यात्मिक अनुभव बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से भगवान के संदेश और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम व्यक्ति को मानसिक शांति देने के साथ सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में भी सहायक होते हैं।
भारतीय आस्था का प्रमुख केंद्र है जगन्नाथ पुरी
मुख्यमंत्री ने पुरी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। वर्षभर पुरी में अनेक धार्मिक आयोजन और उत्सव होते हैं, जिनका श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व है।
पुरी को हिंदू धर्म के चार प्रमुख धामों में शामिल माना जाता है। इसी कारण देशभर से श्रद्धालु यहां धार्मिक यात्रा के लिए पहुंचते हैं।
धर्म और सद्भावना का संदेश देते हैं धार्मिक आयोजन
विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से लोगों को धर्म, संस्कार, भक्ति और सद्भावना का संदेश मिलता है।
मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ से प्रदेश और देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।






