चुनावी हार के बाद कांग्रेस आत्ममंथन करे, बहाने तलाशना बंद करे: मुख्यमंत्री साय

राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए आरोपों पर सीएम का पलटवार, बोले- जनादेश पर बार-बार सवाल उठाने से नहीं लौटेगा जनता का भरोसा
रायपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और हार के बाद कांग्रेस को आरोप लगाने के बजाय अपनी नीतियों, नेतृत्व और कार्यशैली की समीक्षा करनी चाहिए।
हार के बाद नए बहाने तलाशने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस चुनावी पराजय के बाद अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय हार के लिए अलग-अलग कारण बताती रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर ईवीएम को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया जाता, लेकिन परिणाम अनुकूल नहीं होने पर कभी ईवीएम तो कभी एसआईआर को लेकर सवाल खड़े किए जाते हैं। अब चुनाव आयोग की भूमिका पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर उठाए थे सवाल
दरअसल, राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव परिणामों का भी उल्लेख किया था।
लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। जिस राजनीतिक दल को जनता का जनादेश मिलता है, उसे सरकार चलाने का अवसर मिलता है। वहीं विपक्ष में रहने वाले दल की जिम्मेदारी है कि वह जनता के बीच जाकर अपना विश्वास दोबारा हासिल करे।
चुनाव परिणामों पर सवाल उठाने के बजाय जनता के बीच जाए कांग्रेस
सीएम साय ने कहा कि चुनाव परिणामों पर लगातार संदेह जताने से कांग्रेस का खोया जनविश्वास वापस नहीं आएगा। इसके लिए पार्टी को अपनी नीतियों और कार्यशैली पर गंभीरता से विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के फैसले को स्वीकार करते हुए राजनीतिक दलों को अपनी कमियों को दूर करने और लोगों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।






