कवर्धा में दो दिन की झमाझम बारिश से जलाशयों में बढ़ा जलस्तर, सरोदा बांध लबालब

बांधों में बेहतर जलभराव से किसानों को सिंचाई और कवर्धा शहर को पेयजल के लिए मिली राहत
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में पिछले दो दिनों से हुई तेज बारिश ने जहां कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं जिले के जलाशयों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। लगातार बारिश के चलते जिले के प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थिति में सुधार हुआ है। विभागीय जानकारी के अनुसार अधिकांश प्रमुख जलाशयों में उनकी निर्धारित क्षमता के करीब पानी पहुंच चुका है।
तेज बारिश से सरोदा बांध हुआ लबालब
हालिया बारिश का सबसे अधिक असर सरोदा बांध के जलस्तर पर देखने को मिला है। बारिश से पहले बांध में करीब 71 प्रतिशत जलभराव था। इसके बाद पिछले दो दिनों में हुई तेज बारिश से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई और बांध लगभग लबालब हो गया।
बताया जा रहा है कि इस बार सरोदा बांध में हुआ जलभराव पिछले कुछ वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय है। लगातार पानी की आवक से बांध की जल उपलब्धता बेहतर हुई है।
किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उम्मीद
प्रमुख जलाशयों में पानी की अच्छी उपलब्धता से सिंचाई विभाग को भी राहत मिली है। बांधों में पर्याप्त जलभराव रहने से आगामी रबी सहित अन्य फसलों के लिए सिंचाई पानी की उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद है।
अच्छे जलभराव से गर्मी के मौसम में जलाशयों के तेजी से सूखने की आशंका भी कम हो सकती है। इससे कृषि क्षेत्र को आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता के लिहाज से राहत मिलने की संभावना है।
कवर्धा शहर की पेयजल व्यवस्था को भी राहत
सरोदा बांध का पर्याप्त भरना कवर्धा शहर के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शहर में नगर पालिका के माध्यम से घरों तक पहुंचने वाली पेयजल व्यवस्था में सरोदा बांध के पानी का उपयोग किया जाता है। ऐसे में बांध में पर्याप्त पानी जमा होने से आने वाले समय में शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एक तरफ बारिश की आफत, दूसरी ओर पानी की राहत
पिछले दो दिनों की बारिश से जिले के कुछ हिस्सों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति बनी, लेकिन दूसरी ओर इसी बारिश ने प्रमुख जलाशयों में पानी की कमी की चिंता को काफी हद तक कम कर दिया है।
इस तरह तेज बारिश ने एक ओर जहां कई क्षेत्रों में परेशानी बढ़ाई, वहीं किसानों की सिंचाई जरूरतों और कवर्धा शहर की आगामी पेयजल व्यवस्था के लिए जलाशयों में पर्याप्त पानी के रूप में बड़ी राहत भी पहुंचाई है।






