छत्तीसगढ़ में 12 से 15 अक्टूबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें मौसम का हाल

अगले दो दिन प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना, कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, 12 से 15 अक्टूबर तक प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
रायपुर में 35 डिग्री के आसपास रहेगा तापमान
मौसम विभाग की 11 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। हालांकि, कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई।
राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा। रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने तथा अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
12 से 15 अक्टूबर तक तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 12, 13, 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
वहीं, 16 और 17 अक्टूबर को भी प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, इन दोनों दिनों के लिए मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।
अगले पांच दिनों में तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी पांच दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। मौसम संबंधी परिस्थितियां पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों से मानसून की वापसी के अनुकूल बताई गई हैं।
आकाशीय बिजली से बचने के लिए बरतें सावधानी
गरज-चमक और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित पक्के भवन में रहें और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें। बिजली के उपकरणों तथा बिजली की लाइनों से भी दूरी बनाए रखें।
किसानों को सलाह दी गई है कि कृषि मंडियों या खुले स्थानों पर रखी उपज को बारिश और तेज हवाओं से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।






