
ग्रामीणों की बड़ी सहभागिता, सामाजिक जागरूकता के लिए पुलिस का सीधा संवाद
रायगढ़, 23 फरवरी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम सुखवास में जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने किया। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीणों को नशा मुक्ति के प्रति प्रेरित करना, नशे से होने वाले सामाजिक और आपराधिक दुष्परिणामों की जानकारी देना तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में लगभग 200 से अधिक ग्रामीण उपस्थित रहे।
नशा अपराध और सामाजिक विघटन की जड़, छोटी बातों से बढ़ती हैं बड़ी घटनाएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि नशा कई गंभीर अपराधों की प्रमुख वजह बनता है। उन्होंने बताया कि झगड़ा-विवाद, मारपीट और हत्या जैसी घटनाओं में नशे की भूमिका सामने आती है। ग्राम सुखवास में पूर्व में हुई तीन हत्याओं की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं परिवार और समाज को अपूरणीय क्षति पहुंचाती हैं। सभी ग्रामीणों से नशे से दूर रहने और अपने परिवार को सुरक्षित रखने की अपील की गई।

ऑपरेशन आघात के तहत अवैध नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई
थाना प्रभारी ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जिले में अवैध शराब, गांजा और नशीली दवाओं की खरीदी-बिक्री के विरुद्ध ऑपरेशन आघात चलाया जा रहा है। अवैध शराब बनाने, बेचने या किसी भी प्रकार के नशे के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नशे के अवैध व्यापार से जुड़े लोगों से समाज की मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जीने की अपील की।
महिला समूहों की सक्रिय भागीदारी, गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प
कार्यक्रम में महिला समूहों की भूमिका की सराहना करते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि लैलूंगा क्षेत्र के कई गांवों में महिलाओं ने शराब बंदी के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं। ग्राम सुखवास में भी महिलाओं और पुलिस के संयुक्त प्रयास से नियमित जन चौपाल और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों ने गांव को नशा मुक्त बनाने तथा पुलिस के साथ मिलकर अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
साइबर अपराध से बचाव के लिए दी गई जरूरी सावधानियां
ग्रामीणों को बढ़ते साइबर अपराधों के संबंध में भी जागरूक किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि अज्ञात मोबाइल कॉल, ओटीपी मांगने वाले कॉल, बैंक संबंधी जानकारी मांगने वाले व्यक्तियों तथा लॉटरी या केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले संदेशों से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।
नशा मुक्त और सुरक्षित समाज बनाना प्राथमिकता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने संदेश दिया कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है। अवैध नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जन सहयोग से नशा मुक्त और सुरक्षित समाज का निर्माण पुलिस की प्राथमिकता है।
रायगढ़ पुलिस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक चेतना बढ़ाने और अपराध की रोकथाम की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।






