PM किसान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, रायपुर में 1750 अपात्र किसानों के नाम हटाए गए

रायपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) में फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद रायपुर जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। भौतिक सत्यापन के दौरान अब तक 1750 अपात्र किसानों के नाम पोर्टल से हटा दिए गए हैं। इनमें ऐसे लाभार्थी शामिल हैं जिनके परिवार में एक से अधिक सदस्य योजना का लाभ ले रहे थे, जबकि कई मामलों में मृतक किसानों के नाम पर भी किस्त जारी होती रही।
11 हजार संदिग्ध किसानों की सूची पर जांच जारी
कृषि विभाग को मुख्यालय से 11 हजार संदिग्ध किसानों की सूची मिली है, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। जांच के दौरान विभाग पहले ही 1310 अपात्र किसानों की सूची मुख्यालय भेज चुका है। इस सूची में मृतक और अन्य कारणों से अपात्र लाभार्थियों के नाम शामिल हैं।
मृत्यु के बाद भी खातों में आती रही राशि
जिले में योजना शुरू होने से लेकर अप्रैल 2026 तक 2239 किसानों की मृत्यु हो चुकी है। इनमें कोविड काल के दौरान दिवंगत हुए किसान भी शामिल हैं। कई मामलों में परिजनों द्वारा विभाग को सूचना नहीं देने और समय पर सत्यापन नहीं होने के कारण मृत किसानों के खातों में भी योजना की राशि ट्रांसफर होती रही।
हालांकि अब ऐसे नाम पोर्टल से हटाए जा रहे हैं। कई परिवारों में मृतक किसान के स्थान पर अन्य पात्र सदस्य फौती प्रक्रिया के जरिए दोबारा योजना से जुड़ गए हैं।
23वीं किस्त में 35 लाख रुपये की कटौती
केंद्र सरकार द्वारा जारी 23वीं किस्त में रायपुर जिले के 91,845 सक्रिय किसानों को कुल 18 करोड़ 36 लाख रुपये जारी किए गए।
इसके मुकाबले 22वीं किस्त में 92,578 किसानों को 18 करोड़ 71 लाख रुपये मिले थे।
यानी इस बार कुल राशि में 35 लाख रुपये की कमी दर्ज हुई, जो इस बात का संकेत है कि 1750 किसानों के नाम हटाए जाने का सीधा असर भुगतान पर पड़ा है।
4822 किसानों के संयुक्त खाते जांच के दायरे में
भौतिक सत्यापन में 4822 किसान ऐसे मिले हैं, जिनके बैंक खाते पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर संचालित हो रहे हैं। विभाग ने अब ऐसे सभी लाभार्थियों को व्यक्तिगत बैंक खाता खुलवाने के निर्देश दिए हैं।
कृषि विभाग को आशंका है कि संयुक्त खातों के कारण कई मामलों में मृत्यु के बाद भी किस्त का भुगतान जारी रहा।
साल में 3 किस्तों में मिलते हैं ₹6000
Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6000 की सहायता राशि दी जाती है, जो ₹2000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
कृषि विभाग के अनुसार अब तक जिन किसानों को अपात्र पाया गया है, उनमें सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता (ITR फाइलर), पेंशनधारी समेत अन्य श्रेणियों के लोग शामिल हैं।
रायपुर कृषि विभाग के उप संचालक Satish Awasthi ने बताया कि सत्यापन अभियान लगातार जारी है और जैसे-जैसे अपात्र या मृतक लाभार्थियों की जानकारी मिल रही है, उनके नाम हटाने के लिए सूची मुख्यालय भेजी जा रही है।







