छत्तीसगढ़
दुर्ग-रायपुर के बीच खारून नदी ब्रिज आज रात से बंद: मरम्मत के लिए अप्रैल में नहीं चलेगा ट्रैफिक, डायवर्सन रूट पर लंबा जाम


पुल बंद होने के कारण रायपुर से दुर्ग और दुर्ग से रायपुर आने-जाने वाली सभी गाड़ियों को दूसरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ेगा। इस बड़े डायवर्सन से पहले सोमवार शाम को पुलिस और प्रशासन ने एक ट्रायल किया और ट्रैफिक को दूसरे रास्तों से गुजारा।
इस दौरान गाड़ियों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया। हालांकि, इस रिहर्सल के दौरान काफी अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला और भारी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं।
पहले यह रिहर्सल सोमवार, 30 मार्च सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होना तय था, लेकिन किसी कारणवश इसे दिन में टाल दिया गया। बाद में इसे शाम 5 बजे से रात 8 बजे के बीच आयोजित किया गया। शाम के समय जब लोग अपने दफ्तरों और काम से घर लौट रहे होते हैं, उसी दौरान गाड़ियों को बदले हुए रास्तों से गुजारा गया।
नया रूट होने के कारण लोग कन्फ्यूज हो गए और भटक गए। नतीजतन, रायपुर से दुर्ग की ओर आने वाले लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा। गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं और लोगों को घर पहुंचने में काफी अधिक समय लग गया।
रिहर्सल के दौरान सबसे बड़ी परेशानी लाइट की कमी रही। कई जगहों पर इतना अंधेरा था कि वाहन चालकों को रास्ता समझ नहीं आ रहा था। इसके अलावा, बदले हुए रुट पर यह बताने के लिए पर्याप्त और स्पष्ट साइन बोर्ड भी नहीं लगाए गए थे, जिससे रूट का पता चल सके। इसके अलावा पॉइंट्स पर पुलिस भी तैनात नहीं थी।
पुलिसकर्मियों के ठहरने और ड्यूटी के लिए बनाए गए टेंट भी काफी कम थे। अचानक रास्ता बदले जाने और अधूरी तैयारियों के कारण आम जनता को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
रूट डायवर्सन के रिहर्सल को देखने के लिए दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरी व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान दुर्ग और रायपुर दोनों जिलों के ट्रैफिक पुलिस अधिकारी अलग-अलग पॉइंट्स पर खड़े होकर ट्रैफिक को कंट्रोल करने का प्रयास कर रहे थे।
इस पूरे अप्रैल महीने के लिए ट्रैफिक प्लान को अच्छे से लागू करने के लिए दुर्ग पुलिस ने 55 जवानों की ड्यूटी लगाई है। अफसरों का कहना है कि अगर सड़कों पर गाड़ियों का दबाव बढ़ा और जरूरत महसूस हुई, तो जवानों की संख्या में और इजाफा किया जा सकता है।
ट्रैफिक पुलिस ने ट्रकों और बसों जैसे भारी वाहनों, बीच की साइज वाली गाड़ियों और कार-बाइक जैसी छोटी गाड़ियों के लिए अलग-अलग रूट तय किए गए हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि रिहर्सल से बदले हुए रूट की कमियां सामने आई हैं। जिन्हें सुधार कर अगले एक महीने के लिए रूट व्यवस्थित किया जाएगा।
रूट पर पर्याप्त रोशनी और दिशा बताने वाले साइन बोर्ड जैसी सभी कमियों को हर हाल में दूर कर लिया जाएगा, ताकि 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक आम जनता को सफर में कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।