दुर्ग में अवैध अफीम खेती कांड: लापरवाही पर कृषि विस्तार अधिकारी निलंबित, तीन अधिकारियों पर जांच

समोदा गांव में अफीम की खेती मामले में प्रशासन की सख्त कार्रवाई
Durg जिले के Samoda में सामने आए अवैध अफीम की खेती के मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद कलेक्टर Abhijeet Singh ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया है।
तीन अधिकारियों को जारी किया गया था कारण बताओ नोटिस
कलेक्टर ने इस प्रकरण में पहले तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इनमें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू, फसल सर्वेयर शशिकांत साहू और ग्राम समोदा की पटवारी अनिता साहू शामिल थीं। जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद कृषि विस्तार अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
मक्के के प्लॉट के नाम पर दी गई गलत जानकारी
कलेक्टर ने बताया कि जांच में सामने आया कि जिस खेत में अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई, उसे कृषि विभाग के रिकॉर्ड में मक्का फसल का प्रदर्शन प्लॉट बताया गया था। यह प्लॉट भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के भाई विमल ताम्रकार के खेत में दर्ज किया गया था। दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि जिस स्थान को मक्का प्रदर्शन प्लॉट बताया गया, वहां वास्तव में धान की खेती हो रही थी।
सर्वे रिपोर्ट में अपलोड की गई गलत तस्वीर
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नियमों के अनुसार प्रदर्शन प्लॉट में किसान की वास्तविक फोटो और फसल की तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य होता है। लेकिन रिपोर्ट में मक्के के खेत के पास किसी अन्य किसान की फोटो लेकर अपलोड कर दी गई थी। जिस क्षेत्र की तस्वीर रिपोर्ट में लगाई गई थी, उसी इलाके के पीछे अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी।
बिना जांच के अप्रूवल देने का आरोप
कलेक्टर के अनुसार फसल सर्वेयर शशिकांत साहू ने सितंबर 2025 में डिजिटल सर्वे के दौरान खसरा नंबर 309 को पड़ती भूमि और खसरा नंबर 310 को धान की फसल के रूप में दर्ज किया था, जबकि वास्तविकता में दोनों स्थानों पर अफीम की खेती हो रही थी। इस रिपोर्ट का सत्यापन पटवारी अनिता साहू को करना था, लेकिन बिना मौके पर जांच किए ही रिपोर्ट को अप्रूव कर दिया गया।
सांठगांठ की आशंका, जांच जारी
प्रशासन को इस मामले में संबंधित अधिकारियों और अन्य लोगों के बीच संभावित सांठगांठ की आशंका है। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






