26 साल बाद इरफान खान की अनरिलीज फिल्म हुई रिलीज, जानें कौन-सा है वो ड्रामा और क्यों हुआ डिले

हैदराबाद: क्या हो अगर इरफान खान की कोई फिल्म, जो ठंडे बस्ते में जा चुकी हो और अचानक चुपचाप रिलीज हो जाए. विश्वास नहीं हो रहा है न? पर ऐसा हुआ है. जी हां, आपने सही पढ़ा. इरफान खान की 26 साल पुरानी एक फिल्म अचानक रिलीज हो गई है. इस फिल्म में उनके साथ विद्या बालन भी अहम भूमिका में हैं. यह अकेली ऐसी फिल्म है जिसमें दोनों एक्टर एक साथ हैं, और यह कोलेबोरेशन तब हुआ जब वे भारत में जाने-माने नाम नहीं थे.
5 मई को अचानक एक खबर सामने आई कि इरफान खान की 26 साल पुरानी अनरिलीज्ड फिल्म अचानक रिलीज हो गई है. हालांकि, यह बड़े पर्दे पर नहीं रिलीज होकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है. इस खबर ने फैंसे के बीच सनसनी मचा दी है.
हम बात कर रहे हैं फिल्म ‘द लास्ट टेनेंट’ की. यह एक ऐसी फिल्म है, जिसमें इरफान खान ने तब काम किया था जब वे भारत के सबसे बहुमुखी सितारों में से एक नहीं बने थे. यह फिल्म उस समय रिलीज नहीं हो पाई थी.
आखिरकार इसके मेकर्स ने यूट्यूब पर उपलब्ध करा दिया है. यह फ़िल्म, जो 2000 में पूरी हुई थी, 29 अप्रैल को इरफ़ान ख़ान की छठी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि के तौर पर ‘द सॉल्ट इंक’ के यूट्यूब पेज पर रिलीज की है.
क्यों रिलीज में हुई देरी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘द लास्ट टेनेंट’ लगभग तीन दशकों तक एक अटकी हुई फिल्म रही, क्योंकि निर्देशक सार्थक दासगुप्ता से हाल तक इसकी फ़ुटेज खो गई थी. इस फिल्म से अपने निर्देशन की शुरुआत करने वाले निर्देशक को हाल ही में वीएचएस पर इसकी एक कॉपी मिली. इंजीनियरिंग और बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन, दोनों में डिग्री हासिल करने वाले सार्थक ने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी और फिल्म-निर्माण की दुनिया में लग गए.
अपनी पहली फिल्म के सफर को याद करते हुए सार्थक ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया और कहा, ‘यह 1999-2000 का समय था. मैंने अभी-अभी एक फिल्ममेकर के तौर पर शुरुआत की थी. मैं बिल्कुल नया था और मुझे सब कुछ सीखना था. मैंने किसी को असिस्ट नहीं किया था. मैं किसी फिल्म स्कूल में भी नहीं गया था. किताबें मंगाने के लिए उस समय अमेजन भी नहीं था. ट्यूटोरियल देखने के लिए यूट्यूब भी नहीं था. बस अपनी अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करके, मैं इस सफर पर निकल पड़ा था. तब भी मुझे पक्का नहीं था कि यह एक करियर बन पाएगा या नहीं. मैंने तय किया कि यह जानने का एकमात्र तरीका है- खुद करके देखना.’





