तमिलनाडु में ‘सीटी क्रांति’: फिल्म अभिनेता एस.वी. शेखर ने विजय की जीत को बताया ऐतिहासिक

चेन्नईः तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है. तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) ने 108 सीटों पर जीत हासिल की है. पार्टी के नेता विजय ने चेन्नई पेराम्बूर और त्रिची ईस्ट से चुनाव लड़ा था, उन्होंने दोनों ही सीटों पर बड़ी जीत दर्ज की है. इसी तरह, पार्टी के कई अन्य प्रमुख चेहरे- जैसे जनरल सेक्रेटरी ‘बुस्सी’ आनंद, सेंगोट्टइयन और आधव अर्जुन भी विजयी हुए हैं.
तमिलनाडु की राजनीति में इस बदलाव को लेकर एक्टर और पूर्व विधायक एस.वी. शेखर ने ‘ईटीवी भारत तमिलनाडु’ के प्रतिनिधि से खास बातचीत की. उन्होंने कहा- “ये नतीजे चौंकाने वाले कम और एक सुखद आश्चर्य ज्यादा हैं. ऐसा आरोप है कि इस चुनाव में भी वोट पाने के लिए पूरे राज्य में 2,500 करोड़ बांटे गए. फिर भी, इस चलन से ऊपर उठकर-बिना पैसे बांटे, घर-घर जाकर पारंपरिक प्रचार किए. वाकई एक बड़ी ‘सीटी क्रांति’ हुई है, जैसा कि विजय ने भविष्यवाणी की थी.”
उन्होंने आगे कहा- “अगर यह सिलसिला जारी रहता है, तो यह देखना वाकई उत्साहजनक है कि देश में ऐसा माहौल बन रहा है जहां नागरिक बिना किसी लालच के लोकतांत्रिक तरीके से अपना वोट डाल रहे हैं. टीवीके (TVK) की ओर से 108 उम्मीदवार विधानसभा में प्रवेश करने जा रहे हैं. मैं उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं. मेरा यह भी मानना है कि किसी को इस सोच के साथ विधानसभा नहीं जाना चाहिए कि यह केवल व्यक्तिगत आर्थिक लाभ कमाने की जगह है.”
एस.वी. शेखर ने कहा, “इस चुनाव में मेरे प्रिय मित्र एम.के. स्टालिन को कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा है. उनके साथ यह स्थिति तब हुई है, जब उन्होंने उस क्षेत्र के लोगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की थीं. इस हार से उबरते हुए, वे कल शाम करीब 7:00 बजे ‘अन्ना अरिवालयम’ (पार्टी मुख्यालय) पहुंचे.”
क्या मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए केवल एक फिल्मी चेहरा ही काफी है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इसका विश्लेषण करने पर पता चलता है कि जहां आंध्र प्रदेश में एन.टी.आर. के लिए यह जादू चला, वहीं चिरंजीवी के मामले में ऐसा नहीं हो सका. लेकिन वही सफलता अब विजय ने हासिल कर ली है. यह वाकई एक ऐसा विकास है जिसे आश्चर्य के साथ देखा जाना चाहिए. अगर विजय इस स्थिति को परिपक्वता के साथ संभालते हैं और जनता के कल्याण के लिए काम करते हैं, तो वे निस्संदेह सभी की प्रशंसा के पात्र बनेंगे.
ऐसी स्थिति में जहाँ किसी भी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, टीवीके (TVK) का अगला कदम अन्य राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन और सहयोग करना होगा. शेखर ने कहा हालांकि, संभावित सहयोगी दल तुरंत सहमत नहीं होंगे. वे मंत्री पद की मांग कर सकते हैं या राज्यपाल से बहुमत साबित करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध कर सकते हैं.
उन्होंने कहा, “इस बात की भी संभावना है कि द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) सरकार बनाने के लिए हाथ मिला लें, लेकिन ऐसा होने के आसार कम हैं. मैं ‘तमिलगा वेट्ट्री कझगम’ के नेता विजय को इस विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों को चुनाव लड़ने का अवसर देने के लिए शुभकामनाएं देता हूं.”





