उज्जैन बोरवेल हादसा: 3 साल का मासूम 70 फीट गहराई में फंसा, NDRF-SDRF का रेस्क्यू जारी

उज्जैन। Ujjain जिले के बड़नगर तहसील अंतर्गत झलारिया गांव में 3 साल का मासूम भागीरथ बोरवेल में गिरने के बाद अब भी फंसा हुआ है। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कलेक्टर और एसपी मौके पर मौजूद रहकर पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, वहीं पाइप के जरिए बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है।
70 फीट गहराई में फंसा, 40 फीट तक खुदाई पूरी
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार अब तक करीब 40 फीट तक खुदाई की जा चुकी है, जबकि बच्चा लगभग 70 फीट की गहराई में फंसा हुआ है। उसे बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
NDRF और SDRF की संयुक्त टीम मौके पर
रेस्क्यू ऑपरेशन में National Disaster Response Force (NDRF) भोपाल की टीम के साथ इंदौर, हरदा और उज्जैन की SDRF टीमें संयुक्त रूप से जुटी हुई हैं, ताकि जल्द से जल्द बच्चे को सुरक्षित निकाला जा सके।
चट्टान बनी बड़ी चुनौती, खुदाई अस्थायी रूप से रुकी
JCB मशीनों से खुदाई के दौरान बीच में कठोर चट्टान आने से काम को फिलहाल रोकना पड़ा है। हालांकि वैकल्पिक तरीके से बच्चे तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
लोहे के हुक से निकालने की कोशिश
बच्चे को बाहर निकालने के लिए लोहे का हुक नीचे डाला गया है, जिसमें उसका एक हाथ फंस गया है। दूसरे हाथ को सुरक्षित पकड़ने के लिए प्रयास जारी हैं, ताकि उसे ऊपर खींचा जा सके।
खेलते-खेलते हुआ हादसा, 200 फीट गहरा बोरवेल
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम करीब 7 बजे बच्चा खेलते समय बोरवेल के पास पहुंच गया। उसने ढक्कन हटाकर बाल्टी समझकर पैर अंदर डाल दिया और सीधे नीचे गिर गया। बताया जा रहा है कि बोरवेल की गहराई लगभग 200 फीट है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बच्चे के पिता प्रवीण देवासी, राजस्थान के पाली जिले के निवासी हैं और परिवार इन दिनों क्षेत्र में भेड़ चराने के लिए रुका हुआ था। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं प्रशासन बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयासरत है।






