जिला स्तरीय मेगा कैंप में 199 बच्चों को मिला लाभ…। जन्मजात मोतियाबिंद से पीड़ित 8 बच्चों का हुआ ऑपरेशन…। शिविर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0-18 वर्ष तक के बच्चों की हुई जांच…।।

सिंहघोष/रायगढ़.26.05.22. शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए बुधवार को जिला स्तरीय मेगा कैंप का आयोजन किया गया। मेडिकल कॉलेज से सबद्ध किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत आयोजित इस विशेष स्वास्थ्य शिविर में 199 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया गया।
अतरमुड़ा से आए से अजय साव ने बताया: “उनका बच्चा आंगनबाडी जाता है वहां कि दीदी ने बताया कि बच्चे में देखने को लेकर कुछ समस्या है तो उन्होंने ही हमारा रजिस्ट्रेशन कर दिया और बुधवार को जिला अस्पताल कैंप में जाने की सलाह दी। यहां डॉक्टरों ने मेरे बेटे का परीक्षण किया और जरूरी सलाह दी और कहा कि देर से आते तो परेशानी और बढ़ सकती थी।“
स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेगा कैंप आयोजित हुआ जिसमें राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दलों द्वारा चिन्हांकित 100 से अधिक शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोर-किशोरियों को शिविर में बुलाया गया था। इस दौरान कैंप में उनके स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही आवश्यक जांच व उपचार उपलब्ध कराया गया। शिविर में जिंदल फोर्टिस हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विलियम अलेक्सजेंडर नंदा समेत जिला अस्पताल के अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर्स मौजूद थे। जिला अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मीना पटेल और उनकी टीम द्वारा जन्मजात मोतियाबिंद के 8 बच्चों का शिविर में ही सफल इलाज किया गया।
जिला स्तरीय मेगा कैंप के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केसरी कहते हैं: “बच्चों व किशोर-किशोरियों की स्वास्थ्यगत परेशानियों को दूर करने के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जाता है। इसके लिए बच्चों का रजिस्ट्रेशन आंगनबाड़ी, स्कूल में होता है। फिर चिरायु दलों के द्वारा इनकी पहचान कर विभिन्न बीमारियों की जांच तथा उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसी क्रम में जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के लिए वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोर-किशोरियों के कान, नाक, गला, हृदय, मस्तिष्क, दंत चिकित्सा, हड्डी व नेत्र रोग से संबंधित जांच की गई। जिसमें जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सक के साथ ही निजी चिकित्सालय के चिकित्सा विशेषज्ञों एवं सहयोगियों द्वारा शिशु रोग से संबंधी समस्याओं की जांच कर परामर्श एवं उपचार किया गया।“
शिविर का लाभ लेने वालों में मुख्य रूप से जन्मजात ह्रदय से संबंधित रोग के 54 लोगों के रजिस्ट्रेशन में से 46 पॉजिटिव आए जिनमें से 35 बच्चों को फॉलोअप के लिए बुलाया गया है और 1 बच्चे का ऑपरेशन होगा। वहीं जन्मजात सुनने की क्षमता खो देने वाले 4, सुनाई से संबंधित 13, क्लब फुट 7, हड्डी रोग से संबंधित 13, दृष्टिदोष से बाधित 23, न्यूरो से संबंधित 01 और 28 सामान्य रोग से संबंधित थे। सभी को जांच व परामर्श प्रदान किया गया।






